पाकिस्तान ने खोला गुरुद्वारा श्री खारा साहिब
पाकिस्तान के गुजरांवाला के गांव भाईके मट्टू में स्थित गुरुद्वारा छठी पातशाही श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब की चरण स्पर्श प्राप्त पावन धरती गुरुद्वारा खारा साहिब शुक्रवार को संगत के लिए खोल दिया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्री ननकाना साहिब और लाहौर की सिख संगत हाजिर थी। गुरुद्वारा साहिब की कार सेवा का शुभारंभ करवाने के लिए पाकिस्तान अकाफ बोर्ड के चेयरमैन डॉ आमिर अहमद को भी पहुंचना था लेकिन व्यस्त होने के कारण वह इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
गुरुद्वारा खारा साहिब की यात्रा पर आए पाकिस्तानी इतिहासकार शाहिद ने इस गुरुद्वारा साहिब की बाहरी और भीतरी भाग का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में बताया गया है कि गुरुद्वारा साहिब के सबसे ऊंचे गुंबद में एक बड़ा खंडा साहिब और एक शबद लिखा हुआ है। गुंबद के आसपास चित्रकारी की हुई है।
ऊपरी मंजिल में जहां गुंबद सुशोभित है, उसके बरामदे में संगमरमर की जालियां लगी हुई है। यह जालियां कई जगह से टूट चुकी है। देश विभाजन से पहले इस गुरुद्वारा साहिब की जिस पावन अस्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश होता था, उस स्थान पर भी शानदार तरीके से बनाई गई डॉट की ऊपर भी गुरबाणी का शबद अंकित है।
गुरुद्वारा साहिब का फर्श काले और सफेद रंग की संगमरमर से बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब 72 वर्ष तक बंद रहने की कारण छत और दीवारों में की गई भित्ति चित्रकला लगभग खराब हो चुकी है। गुरुद्वारा साहिब के भीतर आज भी उन सिखों के नाम की संगमरमर की प्लेट लगी हुई है, जिन्होंने इस गुरुद्वारा साहिब की निर्माण में भेंट दी हुई है। इस गुरुद्वारा साहिब की पहली मंजिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सुख आसन के लिए भी एक व्यवस्था की हुई थी।
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