विश्व हृदय दिवस (29 सितम्बर) : (29 September : World Heart Day)
विश्व ह्रदय दिवस क्यों मनाया जाता है – Why World Heart Day is Celebrated
विश्व हृदय दिवस हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों का दिल की बीमारी और इससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की ओर पर ध्यान आकर्षित करना है। यह आम जनता के बीच ह्रदय रिलेटेड बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित एक अंतर्राष्ट्रीय अभियान है।
इसे दिल के दौरे (ह्रदयघात), Heart failure, Stroke और ह्रदय से संबंधित अन्य किसी भी रोगों से बचने के लिए विभिन्न निवारक चरणों और लोगों की जीवनशैली में बदलाव को बढ़ावा देने वाले दिन के रूप में मनाया जाता है।
अगर आसान भाषा में कहें तो विश्व हृदय दिवस दुनिया भर में आम लोगों में दिल के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्थापित एक अभियान है।
हर साल औसतन 17 मिलियन से अधिक लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण मरते हैं। यह संख्या उन लोगों की तुलना में अधिक है जिनकी एचआईवी, मलेरिया और कैंसर से मौत होती है।
World Heart Federation के अनुसार समय से पहले ह्रदय रोगों के कारण होने वाली 80% मौतों को अस्वास्थ्यकर आहार, तंबाकू का उपयोग, शारीरिक गतिविधि की कमी और शराब के उपयोग जैसे कारकों को नियंत्रित कर रोका जा सकता है।
विश्व हृदय दिवस कब मनाया जाता है?
विश्व के विभिन्न देशों में हर साल 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ या ‘वर्ल्ड हार्ट डे’ मनाया जाता है। दुनिया भर में हर साल होने वाली 29 प्रतिशत मौतों की एक प्रमुख वजह हृदय की बीमारियां और हृदयाघात हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हृदय रोग से प्रतिवर्ष 2.5 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती हैं तथा वर्ष 2030 तक इन आंकड़ों में 23 मिलियन की वृद्धि होने की संभावना हैं। भारत में कुल मौतों में से लगभग 26% मौते गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) यानि कि हृदय रोगों के कारण होती है।
विश्व ह्रदय दिवस का इतिहास – World Heart Day History :-
1999 में वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (WHF) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर विश्व हृदय दिवस को मनाने की घोषणा की। यह आईडिया WHF (विश्व हृदय संघ) के अध्यक्ष (निदेशक) एंटोनी बेयस डी लूना (1997-99) का था। पहला विश्व ह्रदय दिवस 24 सितम्बर 2000 को मनाया गया था।
विश्व के लोगों को हृदय रोग के प्रति जागरुक करने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 में हर साल 29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। और यह 2010 तक जारी रहा। वर्ष 2011 से वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने वार्षिक रूप से विश्व ह्रदय दिवस को 29 सितम्बर को मनाना शुरू किया। (अब यह जरूरी नहीं कि यह दिवस रविवार को हो)। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (डब्ल्यूएचओ) की भागीदारी से स्वयंसेवी संगठन ‘वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन’ हर साल ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाता है।
World Heart Federation (WHF) क्या है
वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन (WHF) एक गैर सरकारी संगठन है। यह जिनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित है।
1946 में स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय कार्डियोलॉजी सोसायटी और 1970 में स्थापित इंटरनेशनल कार्डियोलॉजी फेडरेशन को 1978 में इंटरनेशनल सोसायटी और फेडरेशन ऑफ कार्डियोलॉजी (ISFC) के रूप में मिलाया गया था। बाद में 1998 में इंटरनेशनल सोसायटी और फेडरेशन ऑफ कार्डियोलॉजी का नाम बदलकर वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन कर दिया गया।
यह विश्व स्तर पर ह्रदय रोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एकमात्र संगठन है।
विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य :-
विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य पूरे विश्व के लोगों में हृदय से संबंधित होने वाले रोगों, उनके परिणाम व उनके रोकथाम के लिए जागरूक बनाना है। विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की दर सबसे अधिक है।
वर्ल्ड हार्ट डे कैसे मनाते है – World Heart Day Celebration
विश्व हार्ट डे हर साल दुनिया भर में आम जनता में जागरूकता के लिए हृदय स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न प्रकार की घटनाओं और गतिविधियों का आयोजन करके मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया को दिल की बीमारियों से मुक्त बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
दुनिया भर में 100 से अधिक देशों में अन्य संगठनों के सहयोग से विश्व हृदय महासंघ द्वारा विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही इस दिन कई जगह हृदय जांच शिविर भी आयोजित किये जाते है और लोगों को इन शिविरों के माध्यम से ह्रदय सम्बन्धी रोगों के बारे में जागरूक किया जाता है।
विश्व हृदय दिवस के विषय (थीम) – THEME OF WORLD HEART DAY
विश्व हृदय दिवस के मुख्य विषय पर ध्यान केंद्रित करने और इसे प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वर्ष के उत्सव के लिए एक विशेष विषय तय किया जाता है। और उसी के अनुसार दुनियाभर में कार्यक्रम और आयोजन होते है। इसे विश्व हार्ट डे की थीम कहते है। दिल के स्वास्थ्य के प्रमुख मुद्दों को ध्यान में रखकर थीम तैयार किया जाता है।
* साल 2019 में वर्ल्ड हार्ट डे की थीम “MY Heart, Your Heart” है।
* विश्व हृदय दिवस 2018 का विषय (थीम) – “आपका दिल, मेरा दिल (Your Heart, My Heart)” है।
* विश्व हृदय दिवस 2017 का विषय (थीम) – “शक्ति को साझा करें (Share the Power)” था।
* विश्व हृदय दिवस 2016 का विषय (थीम) – “आपके जीवन की शक्ति ” था।
* विश्व हृदय दिवस 2015 का विषय (थीम) – “स्वस्थ हृदय का विकल्प सबके लिए, सब जगह” (Healthy heart choices for everyone, everywhere) था।
* विश्व हृदय दिवस 2014 का विषय (थीम) – “हृदय विकल्प मुश्किल विकल्प नहीं (Heart Choices Not Hard Choices) था।
* विश्व हृदय दिवस 2011 का विषय (थीम) – “एक संसार, एक घर और एक दिल (One World, One Home or One Heart)” था।
* विश्व हृदय दिवस 2010 का विषय (थीम) – “ऑफिस में हृदय स्वास्थ” था।
* विश्व हृदय दिवस 2009 का विषय (थीम) – “ऑफिस में हृदय स्वास्थ” था।
* 2000 में पहले वर्ल्ड हार्ट डे की थीम “I Love my Heart : Let it beat!” थी।
हृदय किसे कहते है?
हृदय एक पेशी अंग है, जो कि जो हमारे परिसंचरण तंत्र के केंद्र में होता है। इस प्रणाली में केशिका, शिराओं और धमनियों का एक नेटवर्क होता हैं। यहाँ से रक्त वाहिकाएं, हमारे शरीर के सभी भागों में रक्त को लेकर जाती हैं। इस प्रकार यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। हृदय रोग, हृदय एवं रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाले रोग विकारों का समूह है, जो कि फेफड़े, मस्तिष्क, गुर्दे और शरीर के अन्य भागों में रक्त की आपूर्ति को बाधित करता है।
ह्रदय के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य – Heart Facts
आप इस आर्टिकल तक पहुंचे है, इसका मतलब है कि आप स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है। आपको ह्रदय के इन रोचक तथ्यों को जरूर जानना चाहिए।
* एक स्वस्थ व्यक्ति का दिल (heart) हर दिन लगभग 1,15,200 बार धड़कता है।
* हृदय शरीर की सभी 75 ट्रिलियन कोशिकाओं में रक्त पंप करता है।
* आपका दिल हर दिन लगभग 2,000 गैलन रक्त पंप करता है।
* यह अजीब हो सकता है लेकिन महिलाओं का दिल पुरुषों की तुलना में लगभग औसतन 10% तेज धड़कता है।
* हार्ट की धड़कन की आवाज़ दिल के के वाल्व खुलने और बंद होने के कारण होती है।
* हंसना Heart के लिए अच्छा है। यह तनाव को कम करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करता है।
हृदय रोग के प्रकार :-
हृदय में कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार से हैं :-
* हृदयाघात
* रुमेटिक हृदय रोग
* जन्मजात खराबियां
* हृदय की विफलता
* पेरिकार्डियल बहाव
हृदय रोग के प्रमुख कारण :-
* उच्च रक्तचाप (उच्च रक्तचाप)।
* उच्च रक्त शर्करा (मधुमेह)।
* उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल।
* धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब का सेवन करना।
* परिवार में हृदय रोग का इतिहास।
* अत्यधिक मोटा होना या मोटापे से पीड़ित होना।
* उच्च वसा युक्त अस्वस्थ आहार।
* तनाव।
* व्यायाम की कमी।
दिल का दौरा पड़ने के संकेत :-
* सीने में दर्द।
* सांस की तकलीफ़।
* जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द।
* हाथ या कंधे में दर्द।
* पसीना, मतली या उल्टी।
* कमजोरी और चिंता।
* दिल का दौरा पड़ने के दौरान प्राथमिक चिकित्सा।
* रोगी को बैठाएं और उसे शांत करने का प्रयास करें।
* रोगी के तंग कपड़ों को ढीला करें।
* यदि पीड़ित व्यक्ति पहले से ही हृदय रोगी हैं, तो उसे दवा दें।
* यदि तीन मिनट के भीतर दर्द कम नहीं होता हैं, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा के लिए फोन करें।
* यदि रोगी बेहोश है, तो आपातकालीन सहायता आने तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटैशन (सीपीआर) को जारी रखें।
हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सुझाव :-
* कम वसा एवं उच्च रेशा युक्त आहार जैसे कि साबुत अनाजों और फलों तथा सब्जियों का सेवन करें।
* पैक्ड या प्रसंस्कृत आहार जैसे कि डिब्बाबंद, जमे हुए खाद्य पदार्थों और/या तैयार आहार का सेवन करने से बचें।
* तंबाकू व धूम्रपान का सेवन करने से बचें।
* शराब का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से हृदय रोग के ज़ोखिम को तीस प्रतिशत कम किया जा सकता हैं।
* यदि आपका वज़न ज़्यादा हैं, तो अपने शरीर की वसा को कम करें।
* प्रतिदिन कम से कम तीस मिनट व्यायाम अवश्य करें।
* नमक का सेवन कम करें।
* योग, ध्यान एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों द्वारा तनाव को कम करें।
* अपने वज़न, ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें।
* अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने अवश्य जाएँ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें