सोमवार, 14 अक्टूबर 2019

आसामाई माता मंदिर, काबुल


आसामाई माता मंदिर, काबुल

अफगानिस्तान एक इस्लामिक देश माना जाता है। इस देश की राजधानी काबुल में माता (मां जगदंबा) का एक मंदिर स्थित है। यह मंदिर आसामाई के मंदिर के नाम से जाना जाता है।

आसा माई के बारे में कहा जाता है कि वे अपने भक्त की हर शुभ आशा पूर्ण करती हैं। उनके दरबार में आया भक्त अन्न, धन और जीवन का सुख प्राप्त करता है। उस पर सदैव मां भगवती की कृपा होती है। कहा जाता है कि आज भी मां यहां शेर की सवारी करती हैं और उसका जो भक्त संकट में होता है, वे उसकी रक्षा करती हैं।

आसामाई के विषय में यह माना जाता है कि यह उम्मीद और आसपूर्ण करने वाली देवी हैं जो आसा पहाड़ी की सबसे ऊंची चोटी पर निवास करती हैं।

माता के इस मंदिर में कई हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। इस मंदिर के पास एक बड़ी सी शिला है जिसे पंजसीर का जोगी कहा जाता है। इस जोगी की कथा यह है कि करीब 151 साल पहले यह इस स्थान पर तपस्या करने आए थे।

लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें उनकी तपस्या नही करने दी उनकी तपस्या में बाधा पहुचते थे, बहुत परेशान करते थे। उनकी तपस्या पूरी ना हो पाने की वजह से वह शिला रूप लेकर मां के चरणों में स्थापित हो गए। इसके बाद से यह शिला 'पंजसीर का जोगी' के नाम से जाना जाने लगा। कई वर्षों से यहां श्रद्धालु माता की आरती-पूजा करते चले आ रहे हैं।

यह मंदिर एक प्राचीन शक्तिपीठ है। किसी समय यहां काफी संख्या में श्रद्धालु मां के सामने मत्था टेकने आते थे। अब यहां की फिजाओं में दहशत की गंध घुली हुई है लेकिन श्रद्धालु इस बात की परवाह नहीं करते और यहां मां के दर्शन करने आते हैं।

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